तरस गये श्याम जी आपके दीदार को,
दिल फिर भी आपका ही इंतजार करता है,
हमसे अच्छा तो आपकी चौखट का वो परदा है,
जो हर रोज आपका दीदार तो करता है।
।। जय श्री श्याम।।
तरस गये श्याम जी आपके दीदार को,
दिल फिर भी आपका ही इंतजार करता है,
हमसे अच्छा तो आपकी चौखट का वो परदा है,
जो हर रोज आपका दीदार तो करता है।
।। जय श्री श्याम।।