ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ |
भस्म से होता जिनका श्रृंगार ,
मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ
हर हर महादेव
कर्ता करे न कर सकै,शिव करै सो होय।
तीन लोक नौ खंड में,महाकाल से बड़ा न कोय…
हर हर महादेव
घनघोर अँधेरा ओढ़ के,
मैं जन जीवन से दूर हूँ|
श्मशान में हूँ नाचता,मैं मृत्यु का ग़ुरूर हूँ|
चीर आया चरम में, मार आया
“मैं” को मैं “मैं” , “मैं” नहीं, ”मैं” भय नहीं|
शिव सत्य है, शिव अनंत है, शिव अनादि है,
शिव भगवंत है, शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है,
शिव शक्ति है, शिव भक्ति है,
आओ भगवान शिव का नमन करें,
उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।
ऊँ नम: शिवाय










