शाम की शमा में एक तस्वीर नजर आती है, तब है लबों से ये बात निकल आ जाती है, कब होगी आप से दिल लगाकर बातें, यही सोचकर हर रात गुजर जाती है… अपना हमसफर बना ले मुझे, तेरा ही साया हूँ अपना ले मुझे, ये रात का सफर और भी हसीं हो जायेगा, तू आ जा मेरे सपनो में या बुला ले मुझे..!!

शाम की शमा में एक तस्वीर नजर आती है, तब है लबों से ये बात निकल आ जाती है