चाँद ने चाँदनी बिखेर दिए है,
तारों ने आसमान को जगमगा डाला है,
अब कहने को तुम्हें Good Night
देखो जन्नत से कोई फरिश्ता आया है।
शुभ रात्रि
मिलने आएंगे हम आपसे ख़्वाबों में,
ज़रा रोशनी के दिए बुझा दीजिए,
अब और नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाक़ात का,
ज़रा अपनी आँखों के परदे तो गिरा दीजिए.
शुभ रात्रि
दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींद में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,
मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था
शुभ रात्रि
सितारों में अगर नूर न होता,
तन्हा दिल मजबूर न होता,
हम आपको गुड नाईट कहने ज़रूर आते,
अगर आप का घर दूर न होता ।
सुभ रात्रि
रात की चांदनी आपको सदा सलामत रखे,
परियों की आवाज़ आपको सदा आबाद रखे,
पुरे कायनात को खुश रखने वाला वो रब,
हर दिन आप की ख़ुशी का ख्याल रखे.
गुड नाईट
ना जाने कौन सी बात आखिरी हो
ना जाने कौन सी मुलाकात आखिरी हो!
GOOD NIGHT








