👉 इस संसार में कुछ भी स्थाई नहीं है।
👉 संतुष्ट मन इस विश्व का सबसे बड़ा धन है।
👉 कर्म किये जाओ, फल की चिंता मत करो।
👉 भगवान प्रत्येक वस्तु में, प्रत्येक जीव में मौजूद हैं।
👉 आत्मा अमर है, इसलिए मरने की चिंता मत करो।
👉 आत्मा का अंतिम लक्ष्य परमात्मा में मिल जाना होता है।
👉 इंसान नहीं, उसका मन किसी का दोस्त या दुश्मन होता हैं।
👉 बड़प्पन वह गुण है जो पद से नहीं, संस्कारों से प्राप्त होता है।
👉 व्यक्ति या जीव का कर्म ही उसके भाग्य का निर्माण करता है।
👉 वर्तमान परिस्थिति में जो तुम्हारा कर्तव्य है, वही तुम्हारा धर्म है।
👉 मन बहुत चंचल है, जो इंसान के दिल में उथल-पुथल कर देता है।
👉 जब वे अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं, तब वे पूर्णता प्राप्त करते हैं।
👉 प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर, पत्थर और सोना सभी समान हैं।
👉 आपके कर्म ही आपकी पहचान है, वरना एक नाम के हजारों इंसान हैं।
👉 धर्म केवल कर्म से होता है कर्म के बिना धर्म की कोई परिभाषा ही नहीं है।
👉 अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा, वंश, वैभव, तीनों ही समाप्त हो जाते हैं।
👉 जीवन में कभी भी किसी से अपनी तुलना मत कीजिये, आप जैसे हैं सर्वश्रेष्ठ हैं।
👉 बुरे कर्म करने नहीं पड़ते हो जाते है, और अच्छे कर्म होते नहीं करने पड़ते हैं।
👉 जो अपने मन पर नियंत्रण नहीं रखता, वह स्वयं का शनै – शनै शत्रु बनता जाता है।
👉 बुद्धिमान व्यक्ति को समाज कल्याण के लिए बिना आसक्ति के काम करना चाहिए।
👉 स्वार्थ संसार का एक ऐसा कुआं है जिसमें गिरकर निकल पाना बड़ा कठिन होता हैं।
👉 सेहत के लिए योग और किसी की जरूरत पर सहयोग दोनों से ही जीवन बदलता है।
👉 आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को अलग कर दो। (Shri Krishna Quotes in Hindi)
👉 दुष्ट लोग अगर समझाने मात्र से समझ जाते तो यकीन मानो महाभारत कभी ना होता।
👉 मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है।
👉 मान, अपमान, लाभ-हानि, खुश हो जाना या दुखी हो जाना यह सब मन की शरारत है।
👉 जिसे तुम अपना समझ कर मग्न हो रहे हो बस यही प्रसन्नता तुम्हारे दुखों का कारण हैं।
👉 उस इंसान का मंजिल से भटक जाना तय है जिसकी संगत में नकारात्मक लोग रहते हैं।
👉 प्रेम सदैव माफी मांगना पसंद करता है और अहंकार सदैव माफी सुनना पसंद करता है। (भगवान श्री कृष्ण के विचार)
👉 सिर्फ दिखावे के लिए अच्छा मत बनो मैं आपको बाहर से नहीं बल्कि भीतर से जानता हूं।
👉 जो इस लोक में अपने काम की सफलता की कामना रखते हैं, वे देवताओं का पूजन करें।
👉 व्यक्ति जो चाहे बन सकता है, यदि विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करें।
👉 शब्द उतने ही बाहर निकालने चाहिए, जिन्हें वापिस भी लेना पड़े तो खुद को तकलीफ न हो।
👉 परायों को अपना बनाना उतना मुश्किल नहीं, जितना अपनों को अपना बनाए रखना होता है।
👉 इंसान की सोच ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है वरना दुनिया में एक नाम के अनेक इंसान है।
👉 बहुत विनम्रता चाहिए रिश्तों को निभाने के लिए, छल कपट से तो सिर्फ महाभारत रची जाती है। (Shri Krishna Quotes in Hindi)
👉 यदि आप किसी के साथ मित्रता नहीं कर सकते हैं, तो उसके साथ शत्रुता भी नहीं करना चाहिए।







