माँ दुर्गा का सिर पर हाथ हो,
पूरे परिवार में खुशियों का वास हो,
घर में सुख-शांति का निवास हो,
आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो.


हर युग में मुनि ज्ञानी देते सबको यह उपदेश,

जो माँ दुर्गा का मनन मन से करे, उसके कटे कलेश।


माँ दुर्गा भक्तो का करती विघ्न विनाश,

भक्तो की पीड़ा हरे, माँ करती कल्याण।


माँ तेरे चरणों में जो थोड़ी सी जगह मिल जाती,

मेरे तड़पते मन को भी थोड़ी राहत हो जाती..।।



देखों, सिंह पर सवार होकर आई है मेरी माँ,

मन के सारे मुराद पूरी करने आई है मेरी माँ,

सारे जग में कोई नहीं माँ से बड़ा कृपालु

सारे दुःख और कष्ट को हरने आई है मेरी माँ.

माँ दुर्गा का सिर पर हाथ हो,  पूरे परिवार में खुशियों का वास हो,  घर में सुख-शांति का निवास हो,  आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो.